*लाॅक डाउन में जरूरतमंदों को पहुंचाएंगे खाना*  - *बदायूं जिला पंचायत सदस्य व समाजसेवी डाॅ. शकील अहमद ने की घोषणा*

*लाॅक डाउन में जरूरतमंदों को पहुंचाएंगे खाना*
 - *बदायूं जिला पंचायत सदस्य व समाजसेवी डाॅ. शकील अहमद ने की घोषणा*


बदायूं। कोरोना वायरस के खतरे से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत में भी इसकी वजह से हाहाकार मचा हुआ है। पूरा भारत लॉक डाउन की स्थिति में है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशान गरीब तबका है। कोरोना की तरह ही रोजी-रोटी की समस्या से वह खौफजदा है। इन हालात में समाज के कुछ ऐसे लोग भी हैं जो गरीबों के प्रति अपनी संवेदनाएं रखते हैं और उनकी मदद को आगे आए हैं। ऐसा ही एक नाम है बदायूं के समाजसेवी डॉ. शकील अहमद का। 
    उन्होंने घोषणा की है उनकी टीम लॉक डाउन की स्थिति में बदायूं के गरीब, बेसहारा, मजदूर आदि के लिए पका हुआ खाना प्रशासन की अनुमति से उनके घर पर उपलब्ध कराएगी। ऐसे लोग वाकई तारीफ के काबिल हैं और पूंजीपतियों के लिए एक नमूना है। हम सबको इनका अनुसरण करते हुए इस नेक काम में इनका सहयोग और हौसला अफजाई करनी चाहिए। 
    डॉ. शकील अहमद छात्र जीवन से ही राजनीति एवं समाज सेवा से जुड़े रहे हैं। वह जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय नई दिल्ली के छात्रसंघ महासचिव रह चुके हैं। इस समय बदायूं जिला पंचायत के सदस्य हैं। भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तर प्रदेश के सदस्य पद पर 10 साल से कार्यरत हैं। साथ ही सर सैयद एजुकेशनल सोशल वेलफेयर सोसाइटी के महासचिव भी हैं। उत्तर प्रदेश मोमिन अंसार वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष पद पर रहते हुए समाजसेवा में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। 
    इसके अलावा वह नेशनल यूनानी डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के महासचिव भी हैं। वह नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इसके अलावा दर्जन भर सामाजिक संगठनों से जुड़कर खामोशी से समाजसेवा को अंजाम दे रहे हैं। डाॅ. शकील अहमद ने बताया कि लाॅक डाउन की स्थिति में जरूरतमंदों को पका हुआ खाना पहुंचाने के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। प्रशासन की देखरेख में टीम तैयार कर इसको अमली जामा पहनाया जाएगा।



वशीर अहमद की रिपोर्ट